Friday, 8 May 2015

चंपक अंक मार्च द्वितीय 1987 (होली विशेषांक)

चंपक अंक मार्च द्वितीय 1987 (होली विशेषांक)


यहाँ पर दिए गए कॉमिक्स / मैगज़ीन के लिंक सिर्फ उनको इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में बचाने के उद्धेश्य से दिए गए हैं, इनसे किसी प्रकार का धन कमाने का प्रयोजन नहीं हैं 
अगर किसी भी भाई/बहन को इससे आपत्ति हो तो बेझिझक मुझसे सम्पर्क करें

  यह मैगज़ीन लगभग ४० रु. में सिर्फ कवर देखकर खरीदी, पर अंत में जब पूरी पढ़ी / देखी तो पुरे पैसे वसूल हो गए।

कई ऐसी चित्रकथाएँ जिनका नाम पढ़ के ही बचपन में बिताये दिनों में पहुँच जाता हूँ (सीधा बचपन वाली लाइब्रेरी में क्योंकि उन दिनों ज्यादातर मैगज़ीन/पत्रिकाएं वहीं पढ़ी थी) 

इनके चित्र अंदर तक गुदगुदा जाते हैं, सरल और शिक्षाप्रद कहानियाँ (छोटे शहरों में यहीं था, बड़े शहरों में जरूर फैंटम/मैनड्रैक और अंग्रेजी चरित्रों की भरमार होगी) 

इस अंक में भी दिल को मोहने वाली ऐसे ही 5-6 चरित्र (चीकू, डिंकू, राजू और नन्ही गिलहरी और चुंचु) की सरल सी चित्रकथाएँ हैं 

 


पेज : 84 साइज़ : 14 mb लिंक : डाउनलोड करें
हार्ड कॉपी : सागर राणा भाई, काठमांडू 
अपलोड और स्कैन : शिवकुमार वैष्णव

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